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पूजा पुनेठा की पांच कविताएं

दुआ दरगाह के धागे में बंधती मंदिर के दीये में जलती गिरिजा की ख़ामोशी में बसती ताबीजों में बंद सिसकती…

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कहानी: लीप सेकंड

खच्च्!! —मौत के अपराजेय जबड़े ने कौर भरा; अबकी एक आकर्षक युवा ज़िंदगी निवाला है। इंजीनियर गुलाल अपनी हालिया शुरू…

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निकानोर पार्रा की दो कविताएं

निकानोर पार्रा चिली और ले‌टिन अमेरिका के एक बड़े कवि हैं। युवा कवि डॉ. देवेश पथ सारिया ने उनकी दो…

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मेरा देश

(१) मेरा देश, हमारी पहचान। हम उसे नकारते रहे, धिक्कारते रहे लाट साहब बने दुनिया घूमते रहे, इतराते रहे। (२)…

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समय, प्रेम और बदलाव…

वो मुझसे प्रेम करता था मैं उसे प्रेम करती थी वो मेरा ख़्याल रखता था मैं उसका ख़्याल रखती थी…

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योगिता ‘ज़ीनत’ के दोहे

मैं इक बेकल-सी नदी, तू सागर बेचैन। तेरे बिन कटते नहीं, अब मेरे दिन-रैन।१। * जब-जब सोचा मैं लिखूँ, कोई…

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मानवीय चेतना का संविस्तार है डाॅक्टर वरुण की कविताओं में

समीक्ष्य पुस्तक ‘क्षितिज पर एक पगडंडी’ कविवर वरुण कुमार तिवारी की प्रतिनिधि कविताओं का संकलन है। डॉक्टर शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी…

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पुस्तक अंश/ कोविड-19: सभ्यता का संकट और समाधान

हाल ही में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित विश्व प्रसिद्ध बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्यार्थी की पुस्तक “कोविड-19: सभ्यता…

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मतांधता से सृजनशीलता और विचारशीलता दूर तक नहीं जा सकती: अशोक वाजपेयी

हिंदी के वरिष्ठ कवि–आलोचक, कलाविद् एवं संस्कृतिकर्मी श्री अशोक वाजपेयी इस वर्ष 16 जनवरी को 80 वर्ष के हो गए।…

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बड़ा कवि अंधेरे की शिनाख्त करने और रोशनी दिखाने में मदद करता है: अशोक वाजपेयी

हिंदी के वरिष्ठ कवि–आलोचक, कलाविद् एवं संस्कृतिकर्मी श्री अशोक वाजपेयी इस वर्ष 16 जनवरी को 80 वर्ष के हो गए।…

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नरेश गुर्जर की छह कविताएँ

(1) सुनो सुनो… चुप न रहो मेरी बात के हाथ पर अपनी हथेली रख दो और छू लेने के सुख…

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मोहन राणा की पॉंच कविताएँ

(1.) कि पहचान लूँ उसे नया भी था इसी तरह वह बिका कहीं और हमेशा ख़रीदारों के बीच शानदार दुकानों…

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डॉ. उर्वशी भट्ट की चार कविताएँ

बोध मैं बहुत रोना चाहती हूँ उन तमाम गलतियों के लिए जिनकी अपराधी मैं स्वयं हूँ हालाँकि, आक्षेप मुझे कुछ…

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ऋचा की तीन कविताएँ

01. वक्त वही है, लम्हें वही है ठहरे सब ख्यालात वही है कहते हैं कुछ हुआ नया है हम कहते…

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नरेश शांडिल्य की पाँच ग़ज़लें

(१) टूटे ख़्वाबों को यूँ तामीर किया है उसने चूम कर दर्द, मुझे मीर किया है उसने तोड़ कर आज…

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अनिला राखेचा की पाँच कविताएँ

1. मेरी बातें कफन मत पहनाना अभी, दफन नहीं होना चाहती मेरी बातें… जीनी है उसे तुम संग जाने, कितने…

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उल्लास पाण्डेय की चार कविताएँ

1. वह चेहरा नहीं! मुझे अब देखने दो आँखों में आँखें डालकर इस एकाकीपन को मुझे देखने दो कि मैं…

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लघु प्रेमकथा: सिलवटों का सृजन

एक जादुई होंठों वाला लड़का और एक बदसूरत होंठों वाली लड़की किसी बाग में आम के पेड़ के नीचे बैठे…

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प्रत्यंचा: स्वाभिमानी स्त्री मन की कविताएँ

डॉ. उर्वशी भट्ट की भीतर तक विकल कर देने वाली विचारोत्तेजक कविताओं से भरा कविता-संग्रह ‘प्रत्यंचा’ हाल ही में बोधि…

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विभव भूषण की चार ग़ज़लें

1. क्यों ये सूखे हुए पत्ते मुझी से लगते हैं पाँव की ज़ेर, खरकती जमीं से लगते हैं वो इशारे,…

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अन्नपूर्णा गुप्ता की पाँच कविताएँ

1. प्रकृति का प्रेमपत्र प्रकृति ने लिखा था एक प्रेमपत्र और चाहती थी प्रतिउत्तर। पत्र से प्राप्त आंनद में तुम…

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