आपका हार्दिक स्वागत है

आत्म-महत्व

मैंने कहा

कोई बात नहीं

वो रहती थी

वो रहती थी

कहाँ और कैसे?

यह भी महत्व का

विषय नहीं

वो रहती थी

एक सुधि पाठक

जो आपके लिए काफी है

अब कर दें उत्सर्ग

अपनी जिज्ञासा का

हटा लें अपना स्वत्व

सुराग तो मिलने चाहिए आपको

इस रहस्य के बाद

जो अब नहीं है कोई रहस्य

क्या आप स्वयं को

मेरे जैसा ही बुद्धिमान

तो नहीं समझ रहे?

एक लेखक की शब्दावली में

कोई शब्द नहीं से

अधिक आवश्यक है

आत्म-महत्व

बशर्ते किया गया हो

लेखकीय धर्म का निर्वहन

बिना किसी पूर्वाग्रह के।

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