आपका हार्दिक स्वागत है
आकांक्षा पारे काशिव

तीन सहेलियाँ, तीन प्रेमी

‘और बता क्या हाल है?’ ‘अपना तो कमरा है, हाल कहाँ है?’ ‘ये मसखरी की आदत नहीं छोड़ सकती क्या?’…

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