आपका हार्दिक स्वागत है
अंशु प्रियदर्शिनी

उस रात…

आंखों में खामोशी थी, सांसों में मदहोशी थी घुंघरुओं की खनखनाहट थी, दिल में अजीब सरसराहट थी, ख्‍वाबों में बेचैनी…

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