आपका हार्दिक स्वागत है
अनुभूति गुप्ता

जीना शराब सा..

लगे कुछ कुछ खराब सा अब गिरे, तब गिरे, पिए तो भी ग़म से घिरे, बेशकीमती है नजर जिसकी, हर…

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