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रणजीत कुमार सिन्हा

व्यंग्य और सामाजिक यथार्थ

व्यंग्य का हिंदी साहित्य में प्रचलन काव्य के क्षेत्र में कबीर से होता है। कबीर हिंदी काव्य साहित्य में व्यंग्य…

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रवि शर्मा

साहित्य में सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और हिमांशु जोशी

भारत में सभ्यता और संस्कृति शब्द जनसामान्य में प्रायः एक ही उद्देश्य से प्रयुक्त किए जाते हैं परन्तु इन दोनों…

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डॉ.संदीप कुमार सिंह

शोषण तंत्र को बेनकाब करती मदन कश्यप की कविताएं

समकालीन हिंदी कविताओं में मदन कश्यप काफी चर्चित और पठित कवि हैं ।आम आदमी के हक-हकूक के लिए वे पूर्ण…

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डॉ. अनुराधा गुप्‍ता

एक दृष्टि : कृष्णा सोबती : ‘बादलों के घेरे’ से

“औक़त न  क़लम की /न लेखक की/न लेखन की/ज़िन्दगी फैलती चली गई/कागज़ के पन्नों पर/कुछ इस तरह ज्यों धरती में…

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राजीव रंजन प्रसाद

बस्तरिया आदिवासी कविता

बस्तर के जनजातीय परिवेश में कविता सदियों से लहलहाती फसल रही है। आदिवासी कविता ने कभी जनजीवन के हर्ष और…

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डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा

अलग-अलग वैतरणी

एक तरफ है उपन्यास सम्राट और कथा सम्राट प्रेमचंद की कालजयी कृति ‘गोदान‘ उपन्यास की कथा। तो दूसरी तरफ है…

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