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अनुभूति गुप्ता

उलझन जीवन का

उलझन जीवन का अद्भुत किस्सा है आँखों में दुःख का अपना हिस्सा है,  कौन कहता है – मुबारक हो तुम्हें…

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पंकज कुमार

आत्म-महत्व

मैंने कहा कोई बात नहीं वो रहती थी वो रहती थी कहाँ और कैसे? यह भी महत्व का विषय नहीं…

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तूलिका स्‍वाती

जो मन पर थी गुजरी

जो मन पर थी गुजरीजो मन से ना उतरीकुछ किस्से पुरानेसब जीने के बहानेरस्तों की आवारगीबेबाक़ सी वो दिल्लगीसब कुछ…

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नीरजा द्विवेदी

देख पराई चूपड़ी मत ललचावे जी

एक छोटी सी लड़की थी . नाम था शुचिता. बहुत प्यारी,  बहुत होशियार. प्यार से सब उसे शुचि बुलाते थे. उसमें…

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साहित्‍यिकी ब्‍यूरो

हिन्दी के मार्क्सवादी आलोचक औैर बुद्धिजीवी

पाण्डेय शशिभूषण ‘शीतांशु’ हिन्दी में मार्क्सवादी आलोचकों ने पिछले पचास वर्षों में साहित्य की भावनक्षमता और पाठकीय संवेदनशीलता को कुंठित-अवरोधित…

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डॉ. पंकज सिंह

जिहाद आदम को इंसां करने का…

कृति- जुर्रत ख़्वाब देखने की (काव्य-संग्रह) कवि- रश्मि बजाज अयन प्रकाशन, देहली, 2018 (पृ.सं.108)   1.”बन जाती है कविता /…

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डॉ. आलोक कुमार सिंह

वृहत्त कैनवास के शिल्पकार : नागर

अमृतलाल नागर हिन्दी के विशिष्ट कथाकार हैं। उन्होंने व्यक्ति के जीवन और सामाजिक ताने-बाने को जिस विशिष्टता के साथ प्रस्तुत…

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स्‍मिता

अंतर्विरोध ने बनाया कथाकार : चित्रा मुद्गल

हिंदी की जानी-मानी कथाकार चित्रा मुद्गल से जब आप पहली बार मिलेंगे, तो माथे पर बड़ी-सी गोल लाल बिंदी पर…

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निर्मल वर्मा

धर्म और धर्मनिरपेक्षता

स्वतंत्रता के 50 वर्ष बाद यदि हमें धर्मनिरपेक्षता के अर्थ के बारे में आशय स्पष्‍ट है तो अवश्य ही धर्म…

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डॉ. पंकज कर्ण

‘मेघ इन्‍द्रनील’ : मिथिलांचल की संस्‍कृति का विस्‍तार

डॉ. शांति सुमन गीत चेतना की महत्त्वपूर्ण कवयित्री के रूप में कई दशकों से चर्चित हैं। वे ‘ओ प्रतीक्षित’, ‘परछाई…

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