आपका हार्दिक स्वागत है

परमानेंट बाशिंदगी की फंतासी

पाने में निजात उस भयानक दर्द से

भयानक तकलीफ से उस

कुछ सभालने में उसे

हज़ार किस्से, हजारों कहानियां

हज़ार तस्वीरों के खांचे

हज़ार फंतासियाँ चल कर उसके पास आयीं थीं

उसने बुलायीं थीं

पर जो सबसे कारगर था

उसका सपना वह

बसने का वहां

पाने का वह पहचान पत्र

बतौर बाशिंदा

परमानेंट पहचान पत्र

परमानेंट बाशिंदगी का पहचान पत्र

हर दम के लिए

हमेशा के लिए

ताकि फिर बदलना न पड़े घर

लेटे न रहना पड़े, सुबह उकड़ू

आधे आधे सपने, सवाल लपेटे

खाली, बिलकुल तन्हा

सिर्फ साथ उनका, जो बरसों से

ऐसे दफ्तरों की लाइनों में खड़े हैं

अधूरी अधूरी नागरिकताओं में ज़िन्दगी जीते

भयानक ठंढ में पार करते सड़क

थामे अपनी काँपती हुई रूह को

काँपते हुए वजूद को

दहल गए वजूद को

पाते भयानक सुकून

अचानक बगल में आ गए

उस वृद्ध के झुर्रीदार चेहरे में

जो है आपके पड़ोसी देश का

और जो देश बन गया है पर्याय

युद्ध का, युद्धभूमि का।

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