आपका हार्दिक स्वागत है

नरेश शांडिल्य की पाँच ग़ज़लें

(१) टूटे ख़्वाबों को यूँ तामीर किया है उसने चूम कर दर्द, मुझे मीर किया है उसने तोड़ कर आज…

4 comments

प्रत्यंचा: स्वाभिमानी स्त्री मन की कविताएँ

डॉ. उर्वशी भट्ट की भीतर तक विकल कर देने वाली विचारोत्तेजक कविताओं से भरा कविता-संग्रह ‘प्रत्यंचा’ हाल ही में बोधि…

2 comments

नरेश शांडिल्य के दोहे

दोहा प्राचीनतम एवं लोकप्रिय काव्य विधा है. भारतीय कवियों और संतों ने इस शैली में लिखकर ज्ञान-आलोक फैलाया. एक दोहाकार…

4 comments