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लघु प्रेमकथा: सिलवटों का सृजन

एक जादुई होंठों वाला लड़का और एक बदसूरत होंठों वाली लड़की किसी बाग में आम के पेड़ के नीचे बैठे…

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कहानी—मुआवजा

भुखमरी से मौत की खबर निरी अफवाह के सिवा कुछ नहीं लगती थी। खाद्यमंत्री ने पिछले सत्र में सदन के…

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कहानी—पता बदल गया है

‘‘मिसेज नंदा आप कब आई?’’ अपने किचन की खिड़की से ही मिसेज कुलकर्णी ने आवाज लगाई। मिसेज नंदा अपने लाॅन…

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कहानी—घिरनी दादी

“हम नौ साल में बिहा गये थे बेटा. तुम्हारे दादाजी का तब सतरहवाँ साल शुरू हुआ था. हमारी छटपटाहट, हमारा…

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कहानी—तेतर

तेतर दास को मैं बचपन से ही देख रहा था. कभी नदी किनारे की गाछी (बाग) में आम तोड़ते हुए…

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कहानी—बकरी

वाल्मी पहाड़ी पर पहुँचकर अनीता ने अपनी बकरी चरने छोड़ दी और ख़ुद पत्थरों के टीले पर एक बड़े पत्थर…

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कहानी— ऐमी

एक पतली-दुबली, लंबी, आकर्षक से चेहरे वाली, मुस्कान से भरी लड़की ‘ऐमी’, मेरे दफ्तर के बहुत अच्छे पद पर नई-नई…

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कहानी— रामलीला

रामलीला में राम का वेश धरे सुरेश्वर रावणसे लड़ तो रहा था, मगर,अपने अभिनय में जान नहीं फूँक पा रहा…

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कहानी—नई काॅलोनी

आधुनिक देह में दकियानूसी दिल की तरह, पाॅश काॅलोनी के भव्य प्रवेश-द्वार पर सबसे ऊपर एक काला नज़रबट्टू टँगा है।…

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कहानी–नया जन्म

आज ही अखिल और देवांशी का ब्याह हुआ था, सारे घर में कहीं ढोलक टनक रही थी, रस्मों की तैयारियां…

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तीन सहेलियाँ, तीन प्रेमी

‘और बता क्या हाल है?’ ‘अपना तो कमरा है, हाल कहाँ है?’ ‘ये मसखरी की आदत नहीं छोड़ सकती क्या?’…

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