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प्रत्यंचा: स्वाभिमानी स्त्री मन की कविताएँ

डॉ. उर्वशी भट्ट की भीतर तक विकल कर देने वाली विचारोत्तेजक कविताओं से भरा कविता-संग्रह ‘प्रत्यंचा’ हाल ही में बोधि…

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‘मार्क्सवाद का अर्धसत्य’: बौद्धिक बेईमानियों पर करारा प्रहार

कार्ल मार्क्स, जिन्हें एम.एन. राय ने झूठा पैगम्बर कहा है, ने लिखा है— “सिद्धांत की अंतिम परख व्यवहार है।” प्रसिद्ध…

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सच कहने का साहस

अजित कौर पंजाबी की जानी-मानी साहित्यकार हैं. अपनी आत्मकथा ‘खानाबदोश’ के लिए उन्हें वर्ष 1986 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार मिला…

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जूठन—दलित संघर्ष का दस्तावेज

कुछ किताबें ऐसी होती हैं जिन्हें पढ़ने के बाद आप बेचैन हो जाते हैं और आपके मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव…

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‘जब व्हेल पलायन करते हैं’

‘जब व्हेल पलायन करते हैं’—यूरी रित्ख्यू का रूस के चुकची प्रायद्वीप की दंतकथा पर आधारित अपने तरह का अनोखा, अप्रितम…

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श्रीराम का कर्मक्षेत्र: कोदंड रामकथा

आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने भारत की राम रूपी आत्मा को आसेतु-हिमालय तक प्रकाशित किया. उन्होंने रामात्म का विन्यास करके निखिल…

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‘मेघ इन्‍द्रनील’ : मिथिलांचल की संस्‍कृति का विस्‍तार

डॉ. शांति सुमन गीत चेतना की महत्त्वपूर्ण कवयित्री के रूप में कई दशकों से चर्चित हैं। वे ‘ओ प्रतीक्षित’, ‘परछाई…

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विराट अनुभवों की महागाथा : पारिजात

नासिरा शर्मा साहित्य जगत का ऐसा नाम है जो साहित्य जगत में अपने बेबाक लेखन के लिए जानी जाती हैं।…

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दुनिया जैसी है उससे बेहतर चाहिए

हर व्यक्ति अपने जीवन में कई किरदारों को जीता हैं उसके व्यक्तित्व की पहचान इस बात से होती है कि…

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