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पंकज कुमार

आत्म-महत्व

मैंने कहा कोई बात नहीं वो रहती थी वो रहती थी कहाँ और कैसे? यह भी महत्व का विषय नहीं…

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पंकज कुमार

तुम ऐसी कैसे हो सकती हो?

तुम कल भी माँ थी किसी की, किसी की थी बहन, बेटी और पत्नी और आज भी हो पूजता आ…

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