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सतीश सिंह

ग़ज़लें

1) बेसहारे से सहारे की तरह मिलता हूँ बदगुमानों से आईने की तरह मिलता हूँ मौसम के मिज़ाज कितने भी…

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सतीश सिंह

गजलें

1) जिंदगी को खुशी और गम दे गया मुश्किलों में जीने का हुनर दे गया  मेरी जिंदगी की गुरबतें ले…

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