आपका हार्दिक स्वागत है

गौरव पाण्डेय की दस कविताएँ

वापसी माँ.! उतारो मेरी बलाएँ चाचियों को सूचना दो बनाओ आज रात मीठे पकवान बहन.! आओ मेरी छाती से लग…

4 comments