आपका हार्दिक स्वागत है

चलो फिर लौट चलते हैं सभी अब गांव ही अपने

सुनहरे कल की आंखों में सजाए ख्वाब को अपने, चले आए शहर में छोड़ कर परिवार को अपने। ये सोचा…

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