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निर्मल वर्मा

एक भारतीय कम्युनिस्ट की आत्मकथा

वामपंथी बुद्धिजीवी मोहित सेन की पुस्तक ‘एक भारतीय कम्युनिस्ट की जीवनी: एक राह, एक यात्री’ की सुप्रसिद्ध साहित्‍यकार व विचारक…

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सतीश सिंह

ग़ज़लें

1) बेसहारे से सहारे की तरह मिलता हूँ बदगुमानों से आईने की तरह मिलता हूँ मौसम के मिज़ाज कितने भी…

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डॉ. पंकज कर्ण

बिखरने लगे हैं लोग

अपनी ज़मी से ख़ुद ही उजड़ने लगे हैं लोग, पत्तों की तरह आज बिखरने लगे हैं लोग। मुमकिन है आसमां…

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डॉ. सारिका कालरा

बचा रहेगा – सिर्फ एक अहसास!

आज की हवा में एक खुशबू मिली हुई थी। रात की बारिश ने जैसे इस महानगर के सारे प्रदूषण को…

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केशव शरण

आपस में चुप

कमरे में हम चार हैं हम चारों यार हैं हम बहुत दिनों बाद मिले हैं हम बहुत-सी बातें करना चाहते…

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संजीव सिन्‍हा

कलम की कसौटी प्रतियोगिता का परिणाम

यश पब्‍लिकेशन एवं साहित्‍यिकी डॉट कॉम द्वारा आयोजित कलम की कसौटी प्रतियोगिता का विषय था ‘राष्ट्रवाद’ और विधा थी ‘निबंध’।…

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कीर्ति दीक्षित

‘नया जन्म’

आज ही अखिल और देवांशी की ब्याह हुआ था, सारे घर में कहीं ढोलक टनक रही थी, रस्मों  की तैयारियां…

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पंखुरी सिन्‍हा

परमानेंट बाशिंदगी की फंतासी

पाने में निजात उस भयानक दर्द से भयानक तकलीफ से उस कुछ सभालने में उसे हज़ार किस्से, हजारों कहानियां हज़ार…

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संतोष त्रिवेदी

लात का साहित्यिक महत्व!

आलोचक-प्रभु प्रस्तर-पीठिका पर विराजमान थे। हमें देखते ही उन्होंने अपना दाहिना हाथ शून्य की ओर उठाया। मानो वे हमारी जड़ता…

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बीरज पाण्‍डेय

गिलिगडु : वृद्धावस्था का दर्द और प्रश्न

बहुत पहले की एक कहानी है कि- ‘‘एक बुजुर्ग अपने संदूक पर एक ताला लगाकर रखता था। उसके बच्चे और…

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